आज पश्चिमी सभ्यता का अनुकरण एवम आधुनिक सुविधाओं एवम रोजमर्रा जीवन में श्रम की कमी से मानव जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। प्रतिदिन नई नई बीमारियां उत्पन्न हो रही है। जिनका उपचार आधुनिक पद्धति से सभी नागरिकों के लिए इस मंहगाई बेरोज़गारी के जमाने में उपलब्ध करवाना सरकार के साथ सभी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। देश का भविष्य शिक्षा के सिवा विचार करना भी मुश्किल है। प्राथमिक शिक्षा में शिक्षक शब्द नहीं अपितु सृजनहार माने जाते हैं । इसी लिए पर्यावरण मानव अधिकार संस्था एवम करिश्मा चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित लोक रक्षक हेल्थ केयर नवसारी गुजरात द्वारा स्वस्थ भारत समृद्ध भारत आत्मनिर्भर भारत मिशन में एक कदम , बच्चों के भविष्य के सृजन हार शिक्षको को नैसर्गिक उपचार रेकी शक्ति युनिवर्सल एनर्जी ब्रह्माण्ड शक्ति जिसे ऋषि मुनियों ने गहन साधना से इसे स्पर्श चिकित्सा कहा गया और भगवान बुद्ध ने इसकी खोज किया था। आदिकाल में जंगलों पहाड़ों एवम ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध न होने पर संत महात्माओं ने इसे अपने शिष्यों के लिए उपचार के लिए सिखाया करते थे। जापान के डाक्टर मिकाओ उसुई भारत में इसे सीखकर जापान में इस पर शोध कर इसे प्रमाणित कर युनिवर्सल एनर्जी ब्रह्माण्ड शक्ति रेकी शक्ति का नाम दिया है। जिसे आज विश्व के कई देशों में रेकी शक्ति युनिवर्सल एनर्जी ब्रह्माण्ड शक्ति का उपयोग अस्पतालों में किया जाता है। आज विश्व के कई देशों के साथ भारत में भी रेकी शक्ति युनिवर्सल एनर्जी ब्रह्माण्ड शक्ति का उपयोग सिखाया जाता है। और लाखों नागरिक इससे लाभान्वित हो रहे हैं। रेकी का मतलब सर्वभोमिक चिकित्सा है। इसमें सभी चक्रों को उर्जा प्रदान कर सभी प्रकार के शारीरिक मानसिक रोगों से मुक्ति मिलती है। जिसमें मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान चक्र, मणीपुर चक्र, हृदय चक्र, विसुद्धि चक्र, आज्ञा चक्र एवम सातवां सहस्रार चक्र मुख्यतः माने जाते हैं। इन्हीं चक्रों को जागृत करने उर्जा वान बनाने एवम बैलेंस करने से सामान्य से असाध्य बीमारियों से मुक्ति मिलती है। आध्यात्मिक वैज्ञानिको एवम ऋषि मुनियों के मंतव्य के अनुसार बीमारियां सबसे पहले हमारे सूक्ष्म शरीर को प्रभावित करती है। सूक्ष्म शरीर से स्थूल शरीर में दिखाई देती है। सूक्ष्म शरीर से बीमारियों की चिकित्सा करना आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति में कोई विशेष सुविधा न होने एवम दवाओं के दुष्प्रभाव से मानव शरीर हमेशा के लिए त्राहित हो जाता है। इस युनिवर्सल एनर्जी ब्रह्माण्ड शक्ति रेकी शक्ति का उपयोग किसी भी प्रकार की पद्धति के साथ किया जा सकता है।
नवसारी जिले में पहली बार प्राथमिक शिक्षा विद्यालय के शिक्षक भाई बहनों के लिए विशेष रूप से निर्मित इस आध्यात्मिक ब्रह्माण्ड शक्ति युनिवर्सल एनर्जी का उपयोग बीलीमोरा प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। सभी उपस्थित शिक्षक भाई बहनों ने बड़े ही उत्साह पूर्वक किया। जिसका वर्णन करना शब्दों में उतारना असंभव है। डाक्टर आर आर मिश्रा द्वारा इस आध्यात्मिक ब्रह्माण्ड शक्ति युनिवर्सल एनर्जी रेकी शक्ति द्वारा वर्षों की गहन साधना से धर्म और विज्ञान का संकलन कर बनाया गया इस प्रयोग से आज सभी लाभान्वित हो रहे हैं। अंत में सभी उपस्थित शिक्षक भाई बहनों एवम प्रधानाचार्य महोदया के साथ शिक्षा तालीम भवन नवसारी से आये हुए आचार्य श्री ने इसे बहुत ही सराहनीय कार्य के साथ सभी के लिए प्रतिदिन अनिवार्य बताया और स्वयं इसका उपयोग करने सभी शिक्षक भाई बहनों को प्रतिदिन उपयोग करने के लिए आग्रह कर परमात्मा का धन्यवाद देकर समापन किया।





