नवसारी जिले में पुरवठा विभाग सकृय और ईमानदार …………?

आज नवसारी जिला गुजरात में सर्वाधिक लोकप्रिय स्वच्छता अभियान नवनारी कर्मठ ईमानदार और अति जागृत स्वास्थ्य शिक्षा सुरक्षा आदि सभी विभागों में अपना एक अलग नाम दर्ज कराने में सफल भूमिका निभाई है । नवसारी गुजरात की ऐतिहासिक संस्कारी नगरी के रूप में प्रख्यात है । और कुछ प्राकृतिक सौंदर्य और विद्वानों का जन्मभूमि नवसारी के इतिहास से जुड़ी हुहुई  हैं । पिछले कुछ वर्षों से कुछ शाशन और प्रशासनिक अधिकारियों के मिलन से नवसारी जिले में असामाजिक तत्वों का दबदबा बढ़ता जा रहा है ।
आज आवश्यकता है कि सामान्य से सर्वोच्च तक एक जुट होकर इस प्रकार के सभी बुराइयों भ्रष्टाचार बेरोजगारी को दूर करने के लिए संगठित होकर कार्य करे। अब शाशन में पढ़े लिखे और ईमानदारी से कार्य करने की उम्मीद करना बेकार है । क्योंकि अब यह एक बड़े धंधे का रूप ले चुका है । करोड़ों रुपये खर्च किये जा चुके हैं । लोकसभा चुनाव सामने खड़ा है । सबसे पहले इज्जत का सवाल है । नगर निगम पंचायत विधान सभा में इतना खर्च हो चुका है । इसलिए उद्योगपतियों बिल्डरो बुटलेगरो छोटे बड़े व्यापारीयो के सिर पर यह खर्च डबल होकर सामने खड़ा है । इसलिए स्वाभाविक रूप से भ्रष्टाचार के सामने यदि राजनेता आये फिर इन्हें आने से पहले जाने का रास्ता दिखा दिया जायेगा। नगरपालिकाओ में दो दो जिला म्युनिस्पल ऑफिसर को विना किसी गुनाह के जबरदस्त    अच्छी तरह सूझबूझ से भ्रष्टाचार के सामने काम करने की वजह से हटा दिया गया । यह एक प्रकार से राजनेता समझने वालों ने हमारे सर्वश्रेष्ठ शिक्षित अनुभवी अधिकारियों की वेइज्जत की है। और उससे बड़े दुख की बात तब हुई जब हमारे किसी भी सर्वश्रेष्ठ सर्वोच्च अधिकारी ने जानकारी होने के बावजूद सत्य का साथ इस लिए नही दिया कि कहीं यह उनके साथ न हो जाए । जागृत नागरिकों ने ईमानदारी को बाहर भ्रष्टाचार के सामने जमकर विरोध किया । गांधीनगर तक से जांच करवाई मीडिया के जांबाज पत्रकार भाइयों ने खूब धुलाई की । परंतु कलियुग का भ्रष्टाचार बेरोजगारी चरम सीमा पर तैनात हैं । हमारे गुजरात के ऐतिहासिक संस्कारी नगरी नवसारी जिले के अधिकारियों ने गांधी जी को नही उनके तस्वीर को अपना आदर्श मानकर दोहरी चाल चलने में सफल हुए ।
नवसारी जिले में पुरवठा विभाग सकृय ईमानदार और काबीले तारीफ कार्रवाई कर रहा है । परंतु फर्क सिर्फ और सिर्फ इतना है कि वह सत्य और गरीबों के न्याय के लिए नहीं  अपने और अपने व्यापारी मित्रों के लिए ।  सूरत में हर रोज दुकानों को सील कर दिया जा रहा है । समाचार पत्र जमकर लिख रहे है। वही नवसारी जिले में हाल ही में आइ ए एस की डिग्री प्राप्त कर आये जिला पुरवठा अधिकारी जिसे अभी तक नागरिकों के अधिकार के कायदे कानून तक का पता नहीं है । और वह एक सूचना के अधिकार और रूबरू मुलाकात में कबूल कर चुके हैं । पुरवठा विभाग द्वारा पकड़े हुए केस को समाचार पत्र के एक पत्रकार को देने से इनकार कर दिया । महाशय यह भूल गए कि जिसे यह इन्कार कर दिए जांच करने के लिए वही लिखा है । और शायद अपने आपको एक डिग्री प्राप्त करने के लिए अपने आपको बड़े अधिकारियों में गिनती करने वाले श्री को पता नहीं कि यहाँ  एक बुटलेगर भी अधिकारीयो को जब चाहे रास्ता दिखा देता है ।
अब “जाये तो जाये कहा” वाली हालत हो गई है ।
फिर भी समय परिवर्तन शील है । फिलहाल नवसारी जिला एक ट्रेनिंग सेंटर के मूड में आ गया है । जल्द ही यह रनिंग मूड में आयेगा । चुनाव के पहले पहले यह बदल सकता है ।ऐसी नागरिकों से  जानकारी मिल रही हैं ।

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